पर्यटकों की सुरक्षा को मजबूत करना

पर्यटकों की सुरक्षा मूलतः राज्य का विषय है। इसके साथ ही,
 पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समर्पित पर्यटन पुलिस की स्थापना के लिए सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के साथ लगातार इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है। पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश जैसी राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों ने पर्यटन पुलिस तैनात की है।

पर्यटन मंत्रालय समय-समय पर सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से निर्भया निधि के अंतर्गत 'महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थलयोजना का लाभ उठाने का अनुरोध करता रहा है। इसका उपयोग विशेष रूप से महिला पर्यटकों की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार के लिए तैयार की गई परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है।

पर्यटन मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन विभाग सहित सभी हितधारकों के साथ 'सुरक्षित और सम्मानजनक पर्यटन के लिए आचार संहिताको अपनाया है। यह पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिशा-निर्देशों का एक समूह है। इसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय निवासियोंविशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के सम्मानसुरक्षा और शोषण से मुक्ति जैसे बुनियादी अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना है।

पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय ने घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए 24x7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन शुरू की है। इसका टोल फ्री नंबर 1800111363 और शॉर्ट कोड 1363 है। यह हेल्पलाइन 12 भाषाओं में उपलब्ध हैइनमें 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारत में यात्रा से सम्बंधित जानकारी प्रदान करना और भारत के भीतर यात्रा के दौरान संकट में फंसे पर्यटकों को उचित मार्गदर्शन देना है।

अधिक पारदर्शिताजवाबदेही और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य सेपर्यटन मंत्रालय ने आवास इकाइयों के वर्गीकरण और पर्यटन सेवा प्रदाताओं की मान्यता के लिए आवेदन प्राप्त करनेसंसाधित करने और अनुमोदन प्रदान करने/संदेश देने की एक ऑनलाइन प्रणाली शुरू की है। आवेदन राष्ट्रीय एकीकृत आतिथ्य उद्योग डेटाबेस (निधि प्लस) के पोर्टलयानी nidhi.tourism.gov.in पर जमा किए जा सकते हैं। इस ऑनलाइन प्रक्रिया को भुगतान गेटवे से भी जोड़ा गया है।

पर्यटन स्थल के विकास के लिए प्रभावी और पर्याप्त कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण पहलू है। पर्यटन मंत्रालयनागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों और कम ज्ञात/नए लेकिन उच्च क्षमता वाले पर्यटन स्थलों तक हवाई कनेक्टिविटी में सुधार के लिए काम कर रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ उनकी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत समन्वय किया गया है। पर्यटन मंत्रालय इस उद्देश्य के लिए चिन्हित 53 पर्यटन मार्गों के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) राशि साझा कर रहा है।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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Posted by - Admin,
on - बुधवार, 11 मार्च 2026,
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