ट्रंप का प्लान फेल; अब और ज्यादा रूसी तेल खरीदेगा भारत!
- पुतिन ने चली बड़ी चाल, रूस ने भारत को दी बड़ी छूट,
नई दिल्ली, ०८ अक्टूबर २०२५ - कच्चे तेल को लेकर रूस ने बड़ी चाल चल दी है, जिससे रूसी तेल की खरीदारी और बढ़ सकती है. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की रूसी तेल को लेकर दबाव की नीति फेल हो सकती है. दरअसल, रूस ने कच्चे तेल पर भारत के लिए बड़ा डिस्काउंट दिया है. नवंबर में यूराल क्रूड लोडिंग पर डेटेड ब्रेंट की तुलना में २ से २.५० डॉलर प्रति बैरल की छूट मिल रही है, जो इसके काफी आकर्षक बना रही है. यह छूट जुलाई-अगस्त के मुकाबले ज्यादा है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने ये छूट अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ता में देरी के बीच दी है. ऐसे में भारतीय रिफाइनरी कंपनियां रूसी तेल की खरीदारी बढ़ा सकती हैं. हालांकि इस महीने की शुरुआत में जहाजों के आवाजाही से पता चल रहा है कि रूस से तेल का आयात बढ़ रहा है.
रूस से इतना बढ़ सकता है तेल का आयात
घश्रिशअॅ ङींव. के अनुसार अक्टूबर में रूस से कच्चे तेल का आयात लगभग १.७ मिलियन बैरल प्रतिदिन हो सकता है, यह पिछले महीने की तुलना में लगभग ६% अधिक है, लेकिन पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है. रूस के इस छूट के बाद भी अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय रिफाइनर अमेरिका के साथ बातचीत को देखते हुए रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद को बढ़ाएंगी.
रूसी तेल को लेकर भारत पर ५०% टैरिफ
अमेरिका ने अगस्त में भारतीय वस्तुओं के अमेरिकी आयात पर ५० फीसदी का टैरिफ लगाया था, ताकि भारत पर र्ठीीीळर जळश्र की मांग को कम करने का दबाव बनाया जा सके. हालांकि उसने एक अन्य प्रमुख खरीदार चीन के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया था. जवाब में भारत ने स्पष्ट किया कि ये सौदा बेहतर प्राइस को लेकर है और आगे भी खरीदारी जारी रहेगी. साथ ही भारत ने यह भी क्लियर किया था कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान ज्यादा अमेरिकी एनर्जी खरीदना चाहता है.
मिडिल ईस्ट के साथ तेल के लिए बात
रूसी तेल पर छूट और अमेरिका से व्यापार समझौते में देरी के कारण भारत के सरकारी तेल रिफाइनरियों ने २०२६ के लिए मिडिल ईस्ट और अफ्रीका की नेशनल तेल कंपनियों के साथ लॉन्गटर्म पर बातचीत शुरू कर दी है. ब्लूमबर्ग के सूत्रों के अनुसार, रिफाइनर उन आपूर्तिकर्ताओं से अधिक मात्रा में उत्पादन की उम्मीद करेंगे जो मात्रा के मामले में लचीलापन प्रदान कर सकें.
मोदी ने पुतिन को जन्मदिन की दी बधाई
- 'आपके स्वागत के लिए उत्सुक हूं,
नई दिल्ली, ७ अक्टूबर - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की और उन्हें ७३वें जन्मदिन की बधाई दी. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-रूस के विशेष और प्रिविलेजड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को उनके स्वास्थ्य और सभी प्रयासों में सफलता की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भारत रूस के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक सहयोग को और ऊंचाई पर ले जाने का अवसर तलाश रहा है.
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वे राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. यह मुलाकात भारत में आयोजित होने वाले २३वें इंडिया-रूस एनुअल समिट में होगी. ये समिट इसी साल दिसंबर में होना है.
इस समिट के माध्यम से दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तारित करने और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की योजना बना रहे हैं. पीएम मोदी ने जुलाई २०२४ में मॉस्को यात्रा के दौरान पुतिन को भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था.
रूसी राष्ट्रपति ने आखिरी बार २०२१ में भारत के दौरे पर आए थे. उन्होंने २१ वें वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एजेंडा की प्रगति की समीक्षा भी की. इसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की दिशा पर चर्चा हुई. भारत और रूस के बीच लंबे समय से विशेष और प्रिविलेजड रणनीतिक साझेदारी रही है, और दोनों देश इसे और गहरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं.
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह फोन संवाद इस बात का संकेत है कि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को न केवल बरकरार रखना चाहते हैं, बल्कि उसे और विकसित करने के लिए नए मार्ग खोज रहे हैं. इससे आगामी इंडिया-रूस एनुअल समिट में सहयोग के नए क्षेत्र और संयुक्त पहलाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है.
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत रूस के साथ अपने संबंधों को सतत और समग्र दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. दोनों नेताओं की यह बातचीत वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.


