क्या बदल जाएगी यूपीएससी एग्जाम देने की उम्र?
यूपीएससी चेयरमैन ने क्या कहा
अजय कुमार ने कहा कि सर्टिफिकेशन के वेरिफिकेशन के लिए आयोग डिजिलॉकर का इस्तेमाल करेगा. इसका फायदा यह है कि दस्तावेज ऑनलाइन और सेफ तरीके से जमा किए जा सकेंगे. उन्होंने कोचिंग के महत्व पर भी बात की और कहा, 'सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है. मेहनत और सही रणनीति ही सबसे जरूरी है.'
परीक्षा की तैयारी आपकी स्ट्रैटजी पर ज्यादा
उन्होंने यह भी बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले छात्रों में भी ज्यादातर लोग मानविकी या गैर-इंजीनियरिंग विषय चुनते हैं. इसका मतलब यह है कि परीक्षा का फोकस सिर्फ आपके बैकग्राउंड पर नहीं, बल्कि आपकी तैयारी, सोच और समझ पर है.
धोखाधड़ी पर सख्त चेतावनी
यूपीएससी प्रमुख ने साफ किया कि कोई भी फर्जी प्रमाण पत्र, जन्मतिथि में हेरफेर या नकल बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. यूपीएससी के नियम में धोखाधड़ी के लिए कोई छूट नहीं है. उन्होंने बताया कि पूजा खेडकर के मामले में सख्त कार्रवाई हुई थी. खेडकर ने गलत तरीके से ओबीसी और दिव्यांग आरक्षण का फायदा लिया, जिसके चलते उन्हें आयएएस से बर्खास्त किया गया. उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर कोई धोखाधड़ी करता है, तो आपराधिक केस दर्ज होता है और कड़ी कार्रवाई होती है. परीक्षा में नियमों का पालन हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य है.'
अब परीक्षा केंद्रों पर ज्यादा सख्ती
यूपीएससी चेयरमैन ने यह भी बताया कि अब परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए चेहरे की पहचान सिस्टम लागू की गई है. इसका मतलब है कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी करना अब और भी मुश्किल हो गया है. ऐसे में उम्मीदवारों को सिर्फ ईमानदारी से परीक्षा में शामिल होना चाहिए.

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