प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों संग मनाई दिवाली

नई दिल्ली, २० अक्तूबर२५ - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिवाली गोवा तट पर भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाने पहुंचे| सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कारवार के तट पर आईएनएस विक्रांत का दौरा किया| इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों को भी संबोधित किया| बता दें कि २०१४ से प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद से पीएम मोदी लगातार सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाते रहे हैं|

’आईएनएस विक्रांत आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक’

आईएनएस विक्रांत से नौ सैनिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज का दिन अद्भुत है| ये दृश्य अविस्मरणीय है| आज मेरे पास एक तरफ समंदर है, तो दूसरी तरफ मां भारती के वीर जवानों की ताकत है| आज एक तरफ मेरे पास अनंत क्षितिज...अनंत आकाश है और दूसरी तरफ अनंत शक्तियों का प्रतीक यह विशालकाय आईएनएस विक्रांत है| समुद्र के जल पर सूर्य की किरणों की चमक, वीर सैनिकों द्वारा जलाए गए दिवाली के दीयों के समान है| पीएम मोदी ने कहा कि आईएनएस विक्रांत आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है|  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दीपावली के पर्व में हर किसी को अपने परिवार के बीच दीवाली मनाने का मन करता है| मुझे भी मेरे परिवार जनों के बीच दिवाली मनाने की आदत हो गई है और इसलिए आप जो मेरे परिवार जन हैं, उनके बीच मैं दिवाली मनाने चला जाता हूं| मैं भी ये दिवाली मेरे परिवार जनों के साथ मना रहा हूं... उन्होंने आगे कहा, मुझे याद है, जब आईएनएस विक्रांत को देश को सौंपा जा रहा था तो मैंने कहा था कि विक्रांत विशाल है, विराट है, विहंगम है, विक्रांत विशिष्ट है, विक्रांत विशेष भी है| विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है बल्कि ये २१वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है|

पीएम नरेंद्र मोदी ने कारवार के तट पर आईएनएस विक्रांत पर दिवाली मनाते हुए कहा, मैं भाग्यशाली हूं कि इस बार मैं दिवाली का यह पावन त्योहार नौसेना के आप सभी वीर जवानों के बीच मना रहा हूं| विक्रांत पर बिताई कल की रात, इस अनुभव को शब्दों में कहना कठिन है| मैं देख रहा था कि आप उमंग, उत्साह से भरे हुए थे... आपने स्वरचित गीत गाए| आपने अपने गीतों में जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर का वर्णन किया, शायद कोई और कभी इस अनुभूति को प्रकट नहीं कर पाएगा जो युद्ध के मैदान में खड़ा जवान कर पाएगा|

’ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को इतनी जल्दी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया’

पीएम मोदी ने कहा, कुछ महीने पहले ही हमने देखा कि कैसे विक्रांत नाम ने ही पूरे पाकिस्तान में खौफ की लहर दौड़ा दी थी| इसकी ताकत ऐसी है... एक ऐसा नाम जो युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मन के हौसले पस्त कर देता है| यही है आईएनएस विक्रांत की ताकत... इस अवसर पर, मैं विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों को सलाम करना चाहता हूं| भारतीय नौसेना द्वारा जो भय पैदा किया गया है, भारतीय वायुसेना द्वारा दिखाए गए अद्भुत कौशल ने, भारतीय सेना की जांबाजी ने, तीनों सेनाओं के जबरदस्त समन्वय ने, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को इतनी जल्दी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था और इसलिए आज मैं फिर एक बार  आईएनएस विक्रांत की इस पवित्र साधना स्थली से, पराक्रमी स्थली से, तीनों सेना के जांबाज जवानों को सलाम करता हूं|

पीएम मोदी ने कहा, पिछले एक दशक में हमारा रक्षा उत्पादन तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया है| पिछले साल ही यह लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया| २०१४ से भारत ने नौसेना को ४० से अधिक स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बियां प्रदान की हैं| अब हम औसतन हर ४० दिन में एक नया स्वदेशी युद्धपोत या पनडुब्बी नौसेना में शामिल कर रहे हैं| ब्रह्मोस और आकाश जैसी हमारी मिसाइलों ने भी ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता साबित की है| ब्रह्मोस नाम अपने आप में इतना प्रसिद्ध है कि इसे सुनते ही कई लोग उत्सुक हो जाते हैं और सोचते हैं कि क्या ब्रह्मोस आ रहा है| आज दुनिया भर के कई देश इन मिसाइलों को खरीदना चाहते हैं| जब भी मैं विशेषज्ञों से मिलता हूं, तो वे सभी एक ही इच्छा व्यक्त करते हैं कि वे भी इस तक पहुंच चाहते हैं|

पीएम मोदी ने कहा, हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के अग्रणी रक्षा निर्यातकों में शुमार कराना है| पिछले एक दशक में हमारे रक्षा निर्यात में ३० गुना से भी ज़्यादा की वृद्धि हुई है और इस सफलता के पीछे रक्षा स्टार्टअप्स और स्वदेशी रक्षा इकाइयों की बहुत बड़ी भूमिका रही है| हमारा विज्ञान, हमारी समृद्धि और हमारी ताकत मानवता की सेवा और सुरक्षा के लिए है| आज, एक परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में, जहां राष्ट्रों की अर्थव्यवस्थाएँ और प्रगति समुद्री मार्गों पर निर्भर करती हैं| भारतीय नौसेना वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है| आज दुनिया की ६६% तेल आपूर्ति और ५०% वैश्विक कंटेनर शिपमेंट हिंद महासागर से होकर गुजरते हैं| इन मार्गों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना भारतीय समुद्रों के एक रक्षक की तरह तैनात है|

सैन्य कर्मियों की पीएम मोदी ने तारीफ की

पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, मैं सैन्य साजो-सामान की ताकत देख रहा था| ये विशाल जहाज, हवा से भी तेज चलने वाले विमान, ये पनडुब्बियां...ये अपने आप में प्रभावशाली हैं, लेकिन इन्हें चलाने वालों का साहस ही इन्हें असली ताकतवर बनाता है| ये जहाज भले ही लोहे के बने हों, लेकिन जब आप इन पर सवार होते हैं, तो ये सशस्त्र सेनाओं की जीवंत, सांस लेती हुई शक्ति बन जाते हैं| मैं कल से आपके साथ हूं| हर पल मैंने कुछ न कुछ सीखा है| जब मैं दिल्ली से निकला था, तो सोचा था कि मैं इस पल को खुद जीऊंगा| लेकिन आपकी मेहनत, तपस्या और समर्पण इतने ऊंचे स्तर पर है कि मैं इसे सही मायने में जी नहीं पाया| हालांकि, मुझे इसकी समझ जरूर मिली| मैं बस कल्पना कर सकता हूं कि इस जीवन को सही मायने में जीना कितना मुश्किल होगा.

पीएम मोदी ने कहा, जब दुश्मन सामने हो, जब युद्ध की आशंका हो तब जिसके पास अपने दम पर लड़ाई लड़ने की ताकत हो उसका पलड़ा हमेशा भारी रहता है| सेनाओं के सशक्त होने के लिए उनका आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है| ये वीर जवान इसी मिट्टी में पैदा हुए हैं, इसी मिट्टी में पले हैं| जिस मां की गोद से उन्होंने जन्म लिया है, वो मां भी इसी मिट्टी में पली-बड़ी है और इसलिए इस मिट्टी के लिए मरने के लिए, इस मिट्टी के मान-सम्मान के लिए अपने आप को खपा देने की वो प्रेरणा रखते हैं... जो ताकत आपके भारतीय होने में है, जो ताकत आपका भारत की मिट्टी से जुड़े होने में जुड़ी हुई है वैसे ही हमारा हर औजार, शस्त्र, हर पुरजा जैसे-जैसे भारतीय होते जाएगा, हमारी ताकत को चार-चांद लग जाएंगे|

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी नौसेना ने विदेश में फंसे लोगों को लाने के लिए अभियान चलाए| आपके शौर्य और साहस ने दुनिया में रह रहे भारतीयों के विश्वास को मजबूत किया है| हमारे सैन्य बलों ने जल, थल, नभ में हर परिस्थिति में पूरी संवेदनशीलता के साथ सेवा की है| मैं आज भारतीय तटरक्षक की भी सराहना करता हूं| वे नौसेना के साथ समन्वय बनाकर रातदिन तैनात रहते हैं| हमारे सैन्यबलों के साहस के कारण ने देश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है|

पीएम मोदी ने फिर किया नक्सलियों के सफाए का जिक्र

पीएम मोदी ने एक बार फिर नक्सलियों के सफाए का जिक्र करते हुए कहा, आज देश नक्सली आतंक से मुक्ति की कगार की पर है| २०१४ से पहले देश के १२५ जिले नक्सली हिंसा की चपेट में थे| दस साल की मेहनत की बाद ये संख्या घटती गई| अब सिर्फ ११ जिलों में नक्लसी बाकी रह गए हैं| १०० से ज्यादा जिले नक्सलवाद से मुक्त होकर दिवाली मना रहे हैं| उन्होंने आगे कहा कि जिन इलाकों में माओवादी नक्सली सड़कें नहीं बनने देते थे, स्कूल नहीं बनने देते थे, स्कूलों के बम से उड़ा देते थे, डॉक्टरों के गोलियों से भून देते थे| अब वहां नए उद्योग लग रहे हैं| हाईवे-स्कूल बन रहे हैं| ये सब सुरक्षाबलों के त्याग, तप से संभव हुआ है| अनेक जिलों में आज लोग आन-बान-शान के साथ दिवाली मनाने जा रहे हैं|

पीएम मोदी ने सैनिकों को सलाम करते हुए कहा, ये वीर सैनिक इसी मिट्टी में जन्मे हैं, इसी मिट्टी में पले-बढ़े हैं| इसलिए वे इस मिट्टी के सम्मान और गरिमा के लिए अपना जीवन दांव पर लगाने की प्रेरणा रखते हैं... आपके जीवन को भारत की मिट्टी से जो शक्ति मिलती है, वह उसी तरह है जैसे हमारा हर हथियार, हर उपकरण, और हर घटक, जैसे-जैसे वह अधिक भारतीय होता जाता है, हमारी सेनाओं में जबरदस्त शक्ति जोड़ता है| हमें गर्व है कि पिछले एक दशक में, हमारे सशस्त्र बलों ने आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं|


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on - Monday, October 20, 2025,
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