अमित शाह ने झोहो अपनाकर दिया स्वदेशी का संदेश
- गूगल-माइक्रोसॉफ्ट छोड़ जोहो अपनाया!,
नई दिल्ली, ०८ अक्टूबर २०२५ - भारत सरकार झोहो नाम की कंपनी को प्रोमोट कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोहो अपनाकार देश को दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया है| इसे स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है| शाह ने सोशल मीडिया पर इसका ऐलान किया है| बता दें कि जोहो दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन के लिए भारत का घरेलू प्लेटफॉर्म है| हाल ही में कई केंद्रिय मंत्रियों ने झोहो के प्रोडक्ट्स की तारीफ़ की और लोगों से इन्हें यूज़ करने को कहा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी द पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने झोहो मेल पर स्विच कर लिया है. इतना ही नहीं, इस पोस्ट में अमित शाह ने अपनी नई जोहो की ईमेल आईडी भी शेयर की है. इस पोस्ट की लास्ट लाइन भी दिलचस्प है. अमित शाह ने लिखा है, ‘मेरी नई ईमेल आईडी राळीींहरह.लक्षिूेहेारळश्र.ळप है. मेल के जरिए फ्यूचर कॉरेंस्पॉन्डेंस के लिए इसी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करें’
गृहमंत्री शाह का ये कदम पीएम मोदी के ’स्वदेशी’ या आत्मनिर्भरता के आह्वान के अनुरूप है| पीएम का ये अभियान आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत में निर्मित उत्पादों को अपनाने को प्रोत्साहित करता है| सोशल मीडिया पर अपने फैसले को साझा करते हुए अमित शाह ने कहा सभी को नमस्कार, मैंने जोहो मेल पर स्विच कर लिया है| कृपया मेरे ईमेल एड्रेस में परिवर्तन पर ध्यान दें|
अमित शाह के द पोस्ट के बाद झोहो का रिप्लाई भी आ गया है. झोहो वर्कस्पेस ने रिप्लाई में शाह का शुक्रिया अदा किया है. कंपनी ने लिखा है कि नैशनल लीडर्शिप का इंडियन इनोवेशन को अपनाना बेहद इंस्पायरिंग है.
अमित शाह के पोस्ट के बाद झोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एक पोस्ट किया है जिसमें आळीं डहरह को टैग करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया है. वेम्बू ने लिखा है कि वो इस मोमेंट को उन इंजीनियर्स को डेडिकेट करना चाहते हैं जो पिछले २० सालों से हार्ड वर्क कर रहे हैं.
क्या है जोहो प्लेटफॉर्म?
ग़ौरतलब है कि झोहो बेंगलुरू बेस्ड प्राइवेट कंपनी है जिसे श्रीधर वेम्बू ने शुरू किया था. इस कंपनी के पास ४५ से ज्यादा प्रोडक्ट्स और सर्विसेज हैं. छोटे बिजसनेसेज के लिए ख़ास तौर पर कंपनी के पास दर्जनों टूल्स अवेलेबल हैं. व्हाटसअप राइवल सव्देशी ऐप अरट्टई भी झोहो का ही है और ये भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है. अगर इसके हेडक्वॉर्टर की बात की जाए तो इसके संस्थापकों ने तमिलानाडु की राजधानी चेन्नई को इसकी स्थापना के लिए चुना था| भारत की इस स्वदेशी कंपनी का काम अमेरिका, चीन और जापान में भी है|

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