भारत ने एशिया कप २०२५ जीता
- पाकिस्तान को ५ विकेट से हराया, तिलक वर्मा की फिफ्टी और कुलदीप की घातक गेंदबाज़ी,
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार की शाम खेले गए एशिया कप २०२५ के फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को ५ विकेट से हराकर खिताब पर कब्जा जमा लिया| इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की और ९वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया|
पाकिस्तान की दमदार शुरुआत को कुलदीप ने तोड़ा मैच की शुरुआत में पाकिस्तान ने टॉस हारने के बाद भी मजबूत बल्लेबाज़ी की| साहिबजादा फरहान और फखर जमां ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाते हुए पहले विकेट के लिए ८४ रन जोड़े| फरहान ने सिर्फ ३८ गेंदों में ५७ रन की तूफानी पारी खेली और खासकर जसप्रीत बुमराह को निशाना बनाया| मगर जैसे ही १३वां ओवर आया, कुलदीप यादव ने बाज़ी पलट दी| उन्होंने साइम अयूब को आउट कर पाकिस्तान को दूसरा झटका दिया| इसके बाद १७वें ओवर में सिर्फ १ रन देकर ३ विकेट झटके, जिससे पाकिस्तान की पारी १४६ रन पर सिमट गई| कुलदीप के अलावा बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने भी २-२ विकेट लेकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी|
भारत की शुरुआत लड़खड़ाई, तिलक-संजू ने संभाली पारी
१४७ रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही| अभिषेक शर्मा, जो ग्रुप स्टेज और सुपर-४ में पाकिस्तान के खिलाफ तूफानी ओपनर साबित हुए थे, इस बार सिर्फ दूसरे ओवर में ही आउट हो गए| कप्तान सूर्यकुमार यादव और उप-कप्तान शुभमन गिल भी जल्दी पवेलियन लौट गए| ४ ओवर में ही भारत ने ३ विकेट पर २० रन गंवा दिए थे| ऐसे मुश्किल समय में तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने मोर्चा संभाला| दोनों ने ५७ रनों की साझेदारी कर टीम को वापसी दिलाई| तिलक वर्मा ने एशिया कप में अपनी पहली फिफ्टी लगाई और अंत तक नाबाद रहे जब जीत के लिए ४ गेंद बची थीं, तब रिंकू सिंह ने चौका मारकर भारत को जीत दिलाई|
एशिया कप में भारत का दबदबा कायम
भारत अब तक १९८४, १९८८, १९९०, १९९५, २०१०, २०१६, २०१८, २०२३ और २०२५ इन वर्षों में ९ बार एशिया कप जीत चुका है, जो किसी भी टीम से ज्यादा है| पाकिस्तान के खिलाफ लगातार ३ जीत दर्ज कर भारत ने यह भी साबित किया कि वो अब इस टूर्नामेंट में न सिर्फ रिकॉर्ड्स के मामले में, बल्कि प्रदर्शन में भी सबसे आगे है|
टीम इंडिया की संतुलित ताकत ही जीत की कुंजी
इस एशिया कप में भारत की जीत सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि एक संतुलित और टीमवर्क-आधारित रणनीति पर आधारित थी| इन सबने मिलकर भारत को चैंपियन बनाया| अब सभी की नजरें आने वाले वर्ल्ड कप पर होंगी, जहां भारत इसी लय को आगे बढ़ाना चाहेगा|

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