ड्रोन टेरर साज़िश का पर्दाफ़ाश
- अमेरिकी समेत 7 विदेशी गिरफ्तार,
नई दिल्ली, 7 मार्च, 2026 - भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक इंटरनेशनल टेरर साज़िश का पर्दाफ़ाश करके एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक अमेरिकी और छह यूक्रेनियन समेत सात विदेशियों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर गैर-कानूनी एंट्री, हथियारों का गैर-कानूनी इस्तेमाल, ड्रोन वॉरफेयर की ट्रेनिंग और यूरोप से ड्रोन चुराने के गंभीर आरोप हैं। आरोपियों पर भारत में टेरर हमलों की साज़िश रचने के शक में अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अमेरिकी नागरिक को इमिग्रेशन ब्यूरो ने कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया, जबकि तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। उन्हें वीकेंड पर दिल्ली लाया गया और एक कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ उन्हें शुरू में तीन दिन की पुलिस कस्टडी में रखा गया और बाद में 27 मार्च तक बढ़ा दिया गया।
म्यांमार में एथनिक ग्रुप्स में कृष्णगुहा और उसके साथियों की संलिप्तता को गंभीरता से लिया जा रहा है। NIA के मुताबिक, संदिग्धों ने इंडियन बॉर्डर के रास्ते और एथनिक ग्रुप्स की मदद से यूरोप से गैर-कानूनी तरीके से बड़ी संख्या में ड्रोन इंपोर्ट किए हैं। माना जाता है कि इन ग्रुप्स के भारत विरोधी गतिविधियों से संबंध हैं और कुछ ग्रुप्स पर भारतीय विद्रोही संगठनों से जुड़े होने का भी शक है।
जांच के दौरान, यह भी पता चला है कि प्रवासी आरोपी मिजोरम राज्य के रास्ते म्यांमार में घुसे थे। यह इलाका इसलिए अहम है क्योंकि यह म्यांमार के चिन और रखाइन राज्यों से सटा हुआ है। पता चला है कि उन्होंने मिजोरम जाने के लिए ज़रा सी भी फॉर्मल परमिशन नहीं ली थी।
FIR दर्ज होने के बाद, जांच एजेंसियों ने इस मामले को बहुत प्राथमिकता दी है। NIA ने आरोपियों से पूछताछ करके, उनके कम्युनिकेशन के तरीकों की जांच करके और फंड के सोर्स का पता लगाकर उनके साथियों के नेटवर्क का पता लगाने पर फोकस किया है।
हालांकि ऑफिशियली कोई चौंकाने वाला खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इस मामले को खास अहमियत दी जा रही है क्योंकि इसके सीधे तौर पर नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े खतरनाक नतीजे हो सकते हैं। विजिलेंस और सिक्योरिटी एजेंसियां इस घटना पर हर तरफ से ध्यान दे रही हैं।

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