बलूचिस्तान का पाकिस्तानपर संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप

-अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगा समर्थन

क्वेटा, (१२ सितम्बर) - बलूचिस्तान गणराज्य ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संसाधनों के अवैध दोहन का गंभीर आरोप लगाया है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने पाकिस्तान की कार्रवाइयों को "साँप" की संज्ञा दी, जो "उसी हाथ को काटता है जो उसे खिलाता है।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूच राष्ट्र के अधिकारों को मान्यता देने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बलूचिस्तान के साथ साझेदारी करने की अपील की है।

बलूचिस्तान गणराज्य ने पाकिस्तान पर अवैध हस्तक्षेप, अनधिकृत प्रतिष्ठानों की स्थापना और बलूच खनिज संपदा को विदेशी शक्तियों को हस्तांतरित करने का आरोप लगाया। मीर यार बलूच ने कहा कि ये कार्रवाइयाँ बलूच राष्ट्र की संप्रभुता और अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बलूचिस्तान अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संसाधनों की रक्षा के लिए ऊर्जा और संसाधन आपूर्ति मार्गों पर प्रतिबंध सहित सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

मीर यार बलूच ने बलूचिस्तान के भूगोल को राष्ट्रीय विरासत का अभिन्न अंग बताया गया, जो क्वेटा से ताफ्तान, ज़ाहेदान से चाबहार और ग्वादर तक फैला है। बलूच राष्ट्र ने अपनी तटस्थता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नीति को रेखांकित करते हुए कहा कि उसकी भूमि का उपयोग कभी किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं किया गया।

हालांकि, बलूचिस्तान ने पाकिस्तान और कुछ पड़ोसी देशों पर पिछले ७८ वर्षों से उसके संसाधनों का शोषण करने और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। प्रेस रिलीज में दावा किया गया कि बलूचिस्तान की भूमि, समुद्र और हवाई क्षेत्र का उपयोग छद्म युद्धों के लिए किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अफ़गानिस्तान और अन्य क्षेत्रों में विनाशकारी परिणाम सामने आए।

बलूचिस्तान गणराज्य ने वैश्विक समुदाय से पाकिस्तान के "झूठे आख्यानों" और भ्रष्ट सैन्य-राजनीतिक तंत्र को समर्थन देने वाली नीतियों को त्यागने का आह्वान किया। इसके बजाय, उसने बलूचिस्तान को एक संसाधन-संपन्न और शांति के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्र के रूप में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। बलूच नेता मीर बलूच ने समानता, पारदर्शिता और आपसी सम्मान के आधार पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, लोकतांत्रिक सरकारों और निवेशकों के साथ सहयोग की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य क्षेत्रीय स्थिरता और मानव कल्याण को बढ़ावा देना है।"

✎ Edit

Posted by - Admin,
on - मंगलवार, 30 सितंबर 2025,
Filed under - ,
You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0
Loading navigation...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें