अमेरिका-चीन व्यापारयुद्ध: ट्रंप ने लगा दिया १००% और टैरिफ
- ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार,
वाशिंगटन, ११ अक्तूबर २०२५ - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन के खिलाफ अतिरिक्त १०० प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप के इस फैसले से दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। ट्रंप सरकार का यह कदम १ नवंबर २५ से लागू होगा और यह १०० फीसदी टैरिफ मौजूदा टैरिफ से अलग होगा। यानी अमेरिका का चीन के खिलाफ टैरिफ अब १४० प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ट्रंप ने यह फैसला चीन द्वारा रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर लगाए गए नए नियंत्रणों के जवाब में लिया है, जिसे उन्होंने "अभूतपूर्व आक्रामकता" और "नैतिक अपराध" करार दिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, "चीन ने दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश की है। १ नवंबर २५ से अमेरिका चीन पर १००% टैरिफ लगाएगा, जो वर्तमान टैरिफ के अतिरिक्त होगा।" इसके अलावा, उन्होंने "सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर" पर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण लगाने की भी घोषणा की, जो तकनीकी क्षेत्र में चीन को झटका देगी। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर चीन कोई और कदम उठाता है तो यह टैरिफ 1 नवंबर की समयसीमा से पहले भी लागू किया जा सकता है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अभी-अभी पता चला है कि चीन ने व्यापार के मामले में बेहद आक्रामक रुख अपनाया है और दुनिया को एक बेहद आक्रामक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि वे १ नवंबर २५ से अपने लगभग हर उत्पाद पर, यहां तक कि उन उत्पादों पर भी जो उनके द्वारा नहीं बनाए गए हैं, बड़े पैमाने पर निर्यात नियंत्रण लगाएंगे। यह बिना किसी अपवाद के सभी देशों को प्रभावित करेगा और जाहिर तौर पर यह योजना उन्होंने वर्षों पहले ही बना ली थी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में ऐसा बिल्कुल नहीं सुना गया है और अन्य देशों के साथ ऐसा व्यवहार करना एक नैतिक अपमान है। इसके जवाब में, अमेरिका ने केवल अपने हितों को ध्यान में रखते हुए, चीन के इस कदम का कड़ा जवाब देने का फैसला किया है। १ नवंबर २५ से (या चीन के किसी और कदम के आधार पर उससे पहले), अमेरिका चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर वर्तमान टैरिफ के अतिरिक्त १००% टैरिफ लागू करेगा। इसके साथ ही, अमेरिका उसी तारीख से सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण लागू करेगा। यह विश्वास करना असंभव है कि चीन ने ऐसा कदम उठाया, लेकिन उन्होंने ऐसा किया है, और अब इसका परिणाम इतिहास बनेगा।"
दुर्लभ खनिजों पर चीन का नियंत्रण
चीन ने गुरुवार को दुर्लभ पृथ्वी तत्वों यानी रेयर अर्थ मिनरल्स और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगाए, जो चिप्स, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए आवश्यक हैं। इन खनिजों के लिए अमेरिका चीन पर 80 प्रतिशत से अधिक निर्भर है। ट्रंप ने इसे "दुष्ट और शत्रुतापूर्ण" बताते हुए कहा कि इससे "दुनिया के हर देश की जिंदगी मुश्किल हो जाएगी।" चीन के इस कदम से पहले, दोनों देशों के बीच मई से एक नाजुक व्यापार युद्धविराम चल रहा था, जो अगस्त में ९० दिनों के लिए बढ़ाया गया था।
इससे पहले दिन में ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली आगामी बैठक को रद्द करने की धमकी दी थी, जो दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन से पहले होनी थी। हालांकि, शुक्रवार शाम को वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "हम देखेंगे कि क्या होता है।" उन्होंने बैठक को पूरी तरह रद्द न करने का संकेत दिया, लेकिन तनाव स्पष्ट है।
बाजारों पर प्रभाव: शेयर बाजारों में भारी गिरावट
ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर डाउ जोन्स इंडेक्स में २.५ प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक में ३ प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स ४ प्रतिशत लुढ़क गया। विश्लेषकों का कहना है कि १०० प्रतिशत शुल्क से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा, क्योंकि चीनी से आना वाला सामान जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और उपकरण महंगे हो जाएंगे। वेल्स फारगो इकोनॉमिक्स के अनुसार, वर्तमान में चीनी आयात पर प्रभावी टैरिफ दर ४० प्रतिशत है, जिसमें स्टील-एल्यूमिनियम पर ५० प्रतिशत और उपभोक्ता सामानों पर ७.५ प्रतिशत शामिल हैं। नया शुल्क इसे दोगुना से अधिक कर देगा।
on - Saturday, October 11, 2025,
Filed under - अमेरिका , आंतरराष्ट्रीय
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