सोनम वांगचुक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
- हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे', सुप्रीम कोर्ट में बोला लेह प्रशासन,
नई दिल्ली, १४ अक्तूबर २५ - सुप्रीम कोर्ट में लद्दाख प्रशासन ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम का इस्तेमाल करने का बचाव किया है। शीर्ष अदालत को सौंपे गए एक हलफनामे में लेह के जिलाधिकारी ने कहा है कि एनएसए लगाने में उचित प्रक्रिया का ईमानदारी और सख्ती पूर्वक पालन किया गया है। लेह जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, "सोनम वांगचुक की गतिविधियाँ राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक थीं। इसलिए सभी संवैधानिक सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए उनके खिलाफ एनएसए लगाया गया था।"
लद्दाख प्रशासन ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच के सामने दायर एक हलफनामे में कहीं. यह हलफनामा उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम १९८० के तहत उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में दिया गया.
लेह प्रशासन ने क्या कहा?
लद्दाख प्रशासन के अधिकारी ने कहा, 'कानून के मुताबिक, मेरे सामने जो सामग्री पेश की गई, उस पर विचार और उस क्षेत्राधिकार की स्थानीय सीमाओं के अंदर की परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश पास किया गया है. अधिकारी ने कहा, 'वांगचुक राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और समुदाय के लिए जरूरी सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे. इसका जिक्र हिरासत के आधारों में भी किया गया है.'
लेह के डीएम ने कहा कि जब २६ सितंबर को सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था, तो उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम १९८० के तहत उनकी हिरासत और राजस्थान के जोधपुर स्थित सेंट्रल जेल में उनके ट्रांसफर की जानकारी दी गई थी.
'दलीलें झूठी और भ्रामक'
'यह जानकारी लेह पुलिस स्टेशन के एसएचओ के जरिए उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो को भी तुरंत टेलीफोन पर दी गई थी, जिसे उन्होंने अपनी याचिका में स्वीकार किया है. इसलिए, हिरासत में लिए गए व्यक्ति या याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, १९८० के तहत हिरासत के आदेश की जानकारी न दिए जाने के संबंध में सभी दलीलें पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं.' हालांकि यह मामला मंगलवार को सुनवाई के लिए लिस्टेड था, लेकिन वांगचुक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के दूसरी अदालत में व्यस्त होने के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी. अदालत अब इस पर बुधवार को सुनवाई करेगी.
on - मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025,
Filed under - अपराध-न्याय , राष्ट्रीय , crime , national
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