केंद्र सरकार के इंडिया एआय ने चुने 5 प्रोजेक्ट्स

- भारत में सेफ और ट्रस्टेड एआय को बढ़ावा देना है मकसद,

दिल्ली, ७ अक्तूबर - भारत सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि इंडिया एआय के सेफ और ट्रस्टेड एआय प्रोग्राम के तहत पांच प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया है. यह प्रोग्राम भारत में एआय के सुरक्षित और भरोसेमंद उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.

चयनित प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य वास्तविक समय में डिपफेक डिटेक्शन, फोरेंसिक विश्लेषण को मजबूत करना, एआय मॉडल में बायस को दूर करना और जनरेटिव एआय के लिए मजबूत इवैल्यूएशन टूल बनाना है. इन पहलुओं से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले एआय सिस्टम भरोसेमंद, सुरक्षित और समावेशी हों.

चयन प्रक्रिया और प्रस्ताव

इंडिया एआय , जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत एक व्यवसायिक विभाग है, ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स का चयन 400 से अधिक प्रस्तावों में से किया गया. ये प्रस्ताव शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स द्वारा भेजे गए थे.

चयन की प्रक्रिया में एक मल्टी-स्टेकहोल्डर तकनीकी समिति ने सभी प्रस्तावों की समीक्षा की. इसके बाद पांच प्रोजेक्ट्स को सरकारी समर्थन के लिए चुना गया. यह चयन यह सुनिश्चित करता है कि सेफ और ट्रस्टेड एआय का सिद्धांत व्यावहारिक रूप में लागू हो, जिसमें रिसिलिएंस टेस्टिंग और बायस ऑडिट शामिल हैं.

चयनित प्रोजेक्ट्स का फोकस

चयनित प्रोजेक्ट्स विभिन्न क्षेत्रों में काम करेंगे. इनमें वास्तविक समय में वॉइस डिपफेक डिटेक्शन, ऑडियो-वीज़ुअल और सिग्नेचर फॉरजरी का विश्लेषण, एग्रीकल्चर से जुड़े बड़े एआय मॉडल में जेंडर बायस का मूल्यांकन और जनरेटिव एआय के लिए पेनिट्रेशन-टेस्टिंग टूल्स विकसित करना शामिल है.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर और आयआयटी मद्रास मिलकर एक मल्टी-एजेंट रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन फ्रेमवर्क विकसित करेंगे, जो डिपफेक डिटेक्शन और एआय गवर्नेंस में मदद करेगा. वहीं, IIT मंडी और हिमाचल प्रदेश के फोरेंसिक सर्विसेज डायरेक्टोरेट मिलकर एआय विश्लेषक विकसित करेंगे, जो ऑडियो-वीज़ुअल डिपफेक और सिग्नेचर फॉरजरी की पहचान को मजबूत बनाएगा.

इंडिया एआय  मिशन और उद्देश्य

इंडिया एआय, MeitY का एक विभाग है, और यह इंडिया एआय मिशन के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करता है. मिशन का मुख्य उद्देश्य एआय के लाभों को लोकतांत्रित करना, भारत में एआय क्षेत्र में नेतृत्व को बढ़ावा देना, तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नैतिक तथा जिम्मेदार एआय उपयोग को सुनिश्चित करना है.

चयनित प्रोजेक्ट्स इस मिशन के तहत एआय के सुरक्षित और जिम्मेदार विकास में योगदान देंगे. यह भारत में एआय टेक्नोलॉजी को न केवल प्रभावी बनाने में मदद करेगा बल्कि एआय मॉडल में संभावित बायस और धोखाधड़ी से बचाने के लिए भी जरूरी उपकरण प्रदान करेगा.

इंडिया एआय द्वारा चुने गए ये पांच प्रोजेक्ट्स भारत में एआय के सुरक्षित और भरोसेमंद उपयोग को मजबूत करेंगे. डिपफेक डिटेक्शन, फोरेंसिक विश्लेषण, बायस मूल्यांकन और जनरेटिव एआय टूल्स विकसित करने से यह सुनिश्चित होगा कि एआय सिस्टम सुरक्षित, विश्वसनीय और सभी के लिए समान रूप से उपयोगी हों.

इस पहल से भारत में एआय क्षेत्र में नेतृत्व बढ़ेगा और डिजिटल टेक्नोलॉजी के नैतिक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. यह कदम भारत को एआय अनुसंधान और अनुप्रयोग में वैश्विक मानकों के करीब लाने में मदद करेगा.

एआय के लाभों को लोकतांत्रित करना, नैतिक और जिम्मेदार एआय उपयोग को बढ़ावा देना और भारत में तकनीकी नेतृत्व स्थापित करना.


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Posted by - Admin,
on - Tuesday, October 7, 2025,
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